Zomato/Swiggy पर बेचने वाले छोटे रेस्टोरेंट को रजिस्ट्रेशन चाहिए?

Last Reviewed: 6 October 2026

छोटा रेस्टोरेंट या क्लाउड किचन शुरू करने वाले अक्सर पूछते हैं: “मैं सिर्फ़ Zomato/Swiggy पर बेचता हूँ, क्या मुझे GST रजिस्ट्रेशन लेना ही पड़ेगा?” जवाब एक लाइन में नहीं है, क्योंकि यह आपकी बिक्री के तरीके और सालाना टर्नओवर दोनों पर टिका है। इस लेख में इसे आसान क्रम में समझते हैं।

एक नज़र में

  • रेस्टोरेंट सेवा Zomato/Swiggy जैसे ऐप से बिके तो, तय शर्तों के तहत, GST जमा करने की ज़िम्मेदारी प्लेटफ़ॉर्म (ई-कॉमर्स ऑपरेटर) की होती है (धारा 9(5), 5% दर)।
  • इसका मतलब यह नहीं कि आपका रजिस्ट्रेशन का सवाल अपने आप ख़त्म हो गया।
  • अगर आप ऐप के अलावा डाइन-इन, काउंटर या दूसरी बिक्री भी करते हैं, तो वह सब जुड़कर आपका कुल टर्नओवर बनता है।
  • प्लेटफ़ॉर्म की अपनी शर्तें अलग हो सकती हैं; कई बार वे GST नंबर माँगते हैं।

धारा 9(5) का सरल मतलब

सामान्य नियम में टैक्स सप्लायर यानी रेस्टोरेंट जमा करता है। पर धारा 9(5) के तहत अधिसूचित सेवाओं में, जिनमें ई-कॉमर्स ऐप के ज़रिए दी गई रेस्टोरेंट सेवा भी आती है, टैक्स ई-कॉमर्स ऑपरेटर को जमा करना होता है। इस पर 5% की दर लागू है, बिना ITC के। ऐप से मिले ऑर्डर पर ग्राहक के बिल का टैक्स कौन भरता है, इसका विस्तार Zomato/Swiggy ऑर्डर पर GST वाले लेख में है।

तो क्या रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?

यहाँ दो बातें अलग रखनी होंगी: कानून क्या कहता है और प्लेटफ़ॉर्म क्या माँगता है।

  • सिर्फ़ ऐप से बिक्री और सीमा के भीतर: कानून में ऐसी सप्लाई के लिए सीमा के भीतर के सप्लायर को रजिस्ट्रेशन से छूट देने का प्रावधान माना जाता है। पर इसकी शर्तें अधिसूचनाओं में हैं और बदलती रही हैं, इसलिए अपनी स्थिति पर पक्का होने के लिए आधिकारिक अधिसूचना या किसी जानकार से पुष्टि कर लें।
  • ऐप के साथ और बिक्री भी है: डाइन-इन, ख़ुद की डिलीवरी, कैटरिंग या दूसरी बिक्री का टर्नओवर जुड़ता है। सेवा की कुल सीमा (राजस्थान में आम तौर पर ₹20 लाख) पार होने पर रजिस्ट्रेशन लेना होगा। विस्तार रजिस्ट्रेशन सीमा वाले लेख में है।
  • सीमा पार हो गई: पार करने के बाद 30 दिन के भीतर आवेदन करना चाहिए।

प्लेटफ़ॉर्म GST नंबर क्यों माँगते हैं?

यह प्लेटफ़ॉर्म की अपनी नीति या प्रक्रिया हो सकती है, और यह कानूनी अनिवार्यता से अलग चीज़ है। इसी तरह लिस्टिंग के लिए आम तौर पर FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन माँगा जाता है, जो GST से अलग और खाने के कारोबार के लिए ज़रूरी है। आपका ऐप क्या माँग रहा है, यह उनकी ताज़ा शर्तों में देखें।

स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन लेना ठीक है?

आप सीमा से नीचे भी स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन ले सकते हैं। इससे बड़े ग्राहकों और कुछ प्लेटफ़ॉर्म के साथ काम आसान हो सकता है, पर बदले में रिटर्न और अनुपालन का काम शुरू हो जाता है। इसलिए फ़ायदा-नुकसान तौलकर फ़ैसला करें।

आम गलतियाँ

  • यह मान लेना कि ऐप टैक्स भर रहा है तो रेस्टोरेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं।
  • ऐप की बिक्री और काउंटर की बिक्री को अलग-अलग गिनकर सीमा का हिसाब लगाना, जबकि वे जुड़ते हैं।
  • सीमा पार होने की तारीख़ नोट न करना।
  • ऐप के रिकॉर्ड, पेआउट रिपोर्ट और ऑर्डर का ब्योरा सँभालकर न रखना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सिर्फ़ Zomato पर बेचने वाला क्लाउड किचन बिना GST चल सकता है?
सीमा के भीतर और शर्तें पूरी होने पर कानूनन संभव माना जाता है, पर पुष्टि अधिसूचना से कर लें और प्लेटफ़ॉर्म की शर्तें अलग से देखें।

अगर मैं पहले से रजिस्टर्ड हूँ तो क्या ऐप के ऑर्डर रिटर्न में दिखाने होंगे?
हाँ, ऐसी सप्लाई का ब्योरा रिटर्न में अलग से दिखाया जाता है। अपने रिटर्न का तरीका GSTR-1 और GSTR-3B वाले लेख में देखें।

आधिकारिक स्रोत

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कर-सलाह नहीं। ई-कॉमर्स पर रजिस्ट्रेशन के नियम अधिसूचनाओं से बदलते रहते हैं, इसलिए निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत या अपने टैक्स सलाहकार से पुष्टि कर लें।

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